Top News

400,000 से अधिक भारतीय बना रहे हैं योग को रोज़ाना की आदत, अब MDNIY, आयुष मंत्रालय और हैबिल्ड का साथ



  • मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, आयुष मंत्रालय और हैबिल्ड ने मिलकर योग को सभी के लिए सरल और सुलभ बनाने की पहल की।

लखनऊ, 1 जून 2026। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY), आयुष मंत्रालय ने हैबिल्ड भारत का पहला हैबिट-बिल्डिंग प्लेटफ़ॉर्म के साथ एक समझौता (MoU) किया है। इस साझेदारी के तहत अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले एक राष्ट्रव्यापी डिजिटल योग पहल शुरू की गई है। इस सहयोग का उद्देश्य देशभर के नागरिकों को संरचित और सुलभ ऑनलाइन कार्यक्रमों के माध्यम से योग को एक सरल रोज़ाना की आदत बनाने के लिए प्रेरित करना है।

योग 365 पहल के तहत, हैबिल्ड और MDNIY, आयुष मंत्रालय ने (मार्च 2026 में) एक बड़े पैमाने पर डिजिटल योग मूवमेंट शुरू किया, जो 21 जून 2026 तक चलेगा। इस पहल का उद्देश्य लोगों को लगातार 100 दिनों तक रोज़ाना योग करने के लिए प्रेरित करना है। अब तक 4 लाख से अधिक सक्रिय प्रतिभागी 130+ देशों और भारत के हर राज्य व केंद्र शासित प्रदेश से जुड़ चुके हैं, और 21 जून तक यह संख्या कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।

इस पहल के तहत प्रतिभागियों को सरल योग अभ्यासों से परिचित कराया जा रहा है, जिन्हें रोज़मर्रा की ज़िंदगी में आसानी से शामिल किया जा सकता है। ये सत्र आयुष मंत्रालय के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध हैं। इन सत्रों का नेतृत्व हैबिल्ड के सह-संस्थापक और योग प्रशिक्षक सौरभ बोथरा कर रहे हैं, जिनका दृष्टिकोण योग को आदत बनाने, सजग गतिशीलता और टिकाऊ वेलनेस रूटीन पर केंद्रित है, न कि केवल अल्पकालिक फिटनेस लक्ष्यों पर। इस प्रारूप को इस तरह तैयार किया गया है कि हर व्यक्ति आराम से जुड़ सके और धीरे-धीरे नियमित योग अभ्यास बना सके।

यह पहल MDNIY, आयुष मंत्रालय और हैबिल्ड की साझा दृष्टि को दर्शाती है डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से योग का विस्तार करना और भारत में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर की संस्कृति को मज़बूत करना।

इस पहल पर टिप्पणी करते हुए हैबिल्ड के सह-संस्थापक सौरभ बोथरा ने कहा, “योग तब रूपांतरकारी बनता है जब यह कभी-कभार की गतिविधि से आगे बढ़कर शांत रोज़ाना का अनुशासन बन जाता है। भारत का योग से हमेशा गहरा सांस्कृतिक रिश्ता रहा है, लेकिन आधुनिक जीवनशैली में लोगों के लिए निरंतरता बनाए रखना कठिन हो जाता है। MDNIY, आयुष मंत्रालय के साथ इस सहयोग के ज़रिए हम लोगों के लिए एक सरल रास्ता बनाना चाहते हैं, जिससे वे इस रिश्ते को फिर से शुरू कर सकें और बनाए रख सकें। जब लाखों लोग रोज़ाना कुछ ही मिनट योग करते हैं, तो इसका असर व्यक्तिगत स्वास्थ्य से आगे बढ़कर समाज को भी स्वस्थ बनाने लगता है।”

पिछले वर्षों में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के वैश्विक आयोजन ने दुनिया भर के करोड़ों लोगों को योग से परिचित कराया है। यह नया डिजिटल अभियान भारत में इस जुड़ाव को और गहरा करने का प्रयास है, ताकि लोग केवल प्रतीकात्मक भागीदारी से आगे बढ़कर योग को रोज़मर्रा की ज़िंदगी का एक नियमित हिस्सा बना सकें।
21 जून तक मुफ़्त योग सत्रों के लिए यहाँ रजिस्टर करें -
https://moa.habit.yoga/ या टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें: 1800-315-2008

Link of Video - 

Post a Comment

Previous Post Next Post